Breaking News
Home / खबरे / उत्तराखंड के मिनी स्विट्जरलैंड में भारी बर्फबारी………………..

उत्तराखंड के मिनी स्विट्जरलैंड में भारी बर्फबारी………………..

रविवार शाम को एकाएक बदले मौसम के बाद हो रही बारिश और बर्फबारी के चलते उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। मौसम की पहली बर्फबारी ने दिवाली की छुट्टियों में उत्तराखंड घूमने आए पर्यटकों के मन की मुराद पूरी कर दी। चारधाम के साथ ही मसूरी और चकराता समेत सभी ऊंची पहाड़ियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। जिधर भी नजर दौड़ाओ, उधर सफेद रूई की तरह फैली बर्फ नजर आ रही है। उत्तराखंड के मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से मशहूर विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चोपता में भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई। यहां बर्फबारी देखने के लिए हर साल देश-विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। रविवार की रात से शुरू हुई बर्फबारी ने चोपता आए पर्यटकों की दिली ख्वाहिश पूरी कर दी। रुद्रप्रयाग के चोपता से बर्फबारी की विहंगम तस्वीरें सामने आई हैं। जिन्हें देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा। सीजन की पहली बर्फबारी देखकर पर्यटकों सहित यहां के स्थानीय निवासियों के चेहरे खिल गए हैं। चोपता में जिधर भी नजरें जाती हैं वहां सिर्फ बर्फ से लकदक पहाड़ियां नजर आती हैं।

चोपता में एक फुट तक बर्फ जम गई है। भुलकान और तुंगनाथ क्षेत्र जैसे समीपवर्ती क्षेत्रों में भीषण हिमपात हुआ है, जो अभी तक जारी है। रुद्रप्रयाग और चमोली स्थान में स्थित चोपता ढलान स्टेशन दुनिया भर में हर जगह अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ तक फैला यह पूरा इलाका 40 किलोमीटर का वुडलैंड ज़ोन है। बर्फबारी और प्रकृति की उत्कृष्टता का सम्मान करने के लिए देश और विदेश में हर जगह से कई महान दूरदर्शी लगातार आते हैं। भगवान तुंगनाथ का गर्भगृह इसी तरह से यहां से तीन किलोमीटर दूर पाया जाता है। यह क्षेत्र यात्रा और बाहर के प्रेमियों के लिए बिल्कुल स्वर्ग नहीं है।

टेंट और कॉटेज वैसे ही खोजकर्ता और छुट्टियों के लिए सुलभ हैं। बर्फबारी की शुरुआत के साथ, दर्शकों ने चोपता में राष्ट्र की विभिन्न स्थितियों से दिखना शुरू कर दिया है। चोपता सहित केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुंड, फूलों की घाटी, सतोपंथ, स्वर्गारोहणी और कुंवरिपास सहित सभी बीहड़ क्षेत्रों में बर्फबारी होती है। इनमें से हर एक क्षेत्र में दो से दो फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है। औली ने अतिरिक्त रूप से इस अवधि के अपने दूसरे हिमपात को प्राप्त किया है। औली दिन के चार क्रॉल तक जम गया है।

About kunal lodhi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *