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मसूरी के वो ‘खा’स रा’ज’, जो आपने न’हीं सु’ने होंगे – कुछ खास त’थ्ये

मसूरी, पहाडियों की रानी के रूप में लोक’प्रिय है जो उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले में स्थित एक हिल स्‍टेशन है। यह महान पर्वत हिमालय की तलहटी पर समुद्र स्तर से 1880 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ शहर है। यह हिल स्टेशन शिवालिक पर्वतमाला और दून घाटियों के अद्धुत दृश्य प्रदान करता है। इस जगह को यमुनोत्री और गंगोत्री के धार्मिक कें’द्रों के लिए प्रवेश द्वार भी माना जाता है।

हरे-भरे पेड़, हरियाली से नहाया हुआ शहर, घुमावदार सड़के ऊंची पहाड़ियां, बर्फ की चा’दर से ढ’के सफेद पहाड़ और छोटे छोटे घर जो इस शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। यहाँ का सुहावना मौसम आपका मन मोह लेगा। पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में से एक है मसूरी पूरे साल यहां पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है।

आइए जानते हैं मसूरी के वह खास डा’ल जिससे पर्यटक खुद को यहां आने से रोक नहीं पाते।

मसूरी: क मौसम यहां हर समय सुहावना मौसम रहता है यहां पर बारिश का मौसम कभी भी बन सकता है यहां कभी-कभी हल्की धूप होती है परंतु अधिक समय के लिए यहां पर सुहावना मौसम रहता है जो पर्यटक को को अधिक पसंद आता है पर्यटक यहां पर इसी मौसम को जीने आते हैं यहां के सुहावने मौसम में आकर पर्यटक खुद को अधिक तरोताजा महसूस करते हैं वह यहां की खूबसूरत वादियों को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं


अंग्रेजों ने बसाया मसूरी शहर: मसूरी का इति’हास सन 1825 में कैप्ट’न यंग, एक साह’सिक ब्रिटि’श मिलि’ट्री अधिकारी और श्री.शोर, देहरादून के निवासी और अधीक्षक द्वारा वर्तमान मसूरी स्थल की खोज से आरम्भ होता है। तभी इस छुट्टी पर्यटन स्थल की नींव पड़ी, जिसके अभी तक भी कुछ ही विकल्प कहलाते हैं। 1827 में एक सैनिटोरियम बनवाया गया, लैंढ़ौर में, जो आज कैन्टोनमैन्ट बन चुका है। इसके नाम के बारे में प्रायः लोग यहां बहुतायत में उगने वाले एक पौधे ”’मंसूर”’ को इसके नाम का कारण बताते हैं, जो लोग, अभी भी इसे मन्सूरी कहते हैं।

माल रोड : माल रोड से जहां एक और मसूरी की हरी-भरी वादियों के नजारे दिखाई देते हैं वही नवविवाहित जोड़े और युवाओं का पसंदीदा जगह में से एक है मसूरी की सबसे जीवन जगह है माल रोड यहां पर पर्यटक को अधिककाअधिक देखा जा सकता है यहां पर हर समय पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है।

खूबसूरत हिल स्टेशन वैसे है एक अंग्रेजों के टाइम पर जहां अंग्रेजों ने हिल स्टेशनों का निर्माण करना शुरू किया था तब मसूरी को भी उन्हीं में से एक ही स्टेशन के रूप में बनाया गया उस टाइम यह अंग्रेजो के लिए सबसे खास हिल स्टेशनों में से एक था क्योंकि अंग्रेज ठंडे वातावरण के आदि थे और उन्हें मसूरी में अपने हिसाब का वातावरण मिलता था पर्यटकों की तरह ही अंग्रेज भी यहां आकर तरोताजा महसूस करते थे इसीलिए उन्होंने इसको एक महत्वपूर्ण हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया।

आइए जानते हैं मसूरी के पसंदीदा जगहों के बारे में।

ग’न हिल

मसूरीकी दूसरी सबसे ऊॅंची चोटी पर रोप-वे द्वारा जाने का आनंद लें। यहां पैदल रास्ते से भी पहुंचा जा सकता है, यह रास्ता माल रोड पर कचहरी के निकट से जाता है और यहां पहुंचने में लगभग 20 मिनट का समय लगता है। रोप-वे की लंबाई केवल 400 मीटर है। सबसे ज्यादा इसकी सैर में जो रोमांच है, वह अविस्मरणीय है।

ग’न हिल से हिमालय पर्वत श्रृंखला अर्थात् बंदरपंच, श्रीकांता, पिठवाड़ा और गंगोत्री समूह आदि के सुंदर दृश्य देखे जा सकते हैं, साथ ही मसूरी और दून-घाटी का विहंगम दृश्य भी यहां से देखे जा सकते हैं। आजादी-पूर्व के वर्षों में इस पहाड़ी के ऊपर रखी तोप प्रतिदिन दोपहर को चलाई जाती थी ताकि लोग अपनी घड़ियां सैट कर लें, इसी कारण इस स्थान का नाम ग’न हिल पड़ा।

म्युनि’सिपल गार्डन


मसूरी का वर्तमान कंपनी गार्डन या म्युनिसिपल गार्डन आजादी से पहले तक बोटेनिकल गार्डन भी कहलाता था। कंपनी गार्डन के निर्माता विश्वविख्यात भूवैज्ञानिक डॉ॰ एच. फाकनार लोगी थे। सन्‌ 1842 के आस-पास उन्होंने इस क्षेत्र को सुंदर उद्यान में बदल दिया था। बाद में इसकी देखभाल कंपनी प्रशासन के देखरेख में होने लगा था। इसलिए इसे कंपनी गार्डन या म्युनिसिपल गार्डन कहा जाने लगा।

कैमल बैक रोड


कुल 3 कि॰मी॰ लंबा यह रोड रिंक हॉल के समीप कुलरी बाजार से आरंभ होता है और लाइब्रेरी बाजार पर जाकर समाप्त होता है। इस सड़क पर पैदल चलना या घुड़सवारी करना अच्छा लगता है। हिमालय में सूर्यास्त का दृश्य यहां से सुंदर दिखाई पड़ता है। मसूरी पब्लिक स्कूल से कैमल रॉक जीते जागते ऊंट जैसी लगती है।

झड़ीपानी फाल

यह फाल मसूरी-झड़ीपानी रोड पर मसूरी से 8.5 कि॰मी॰ दूर स्थित है। पर्यटक झड़ी- पानी तक 7 कि॰मी॰ की दूरी बस या कार द्वारा तय करके यहां से पैदल 1.5 कि॰मी॰ दूरी पर झरने तक पहुंच सकते हैं।
नाग देवता मंदिर
कार्ट मेकेंजी रोड पर स्थित यह प्राचीन मंदिर मसूरी से लगभग 6 कि॰मी॰ दूर है। वाहन ठीक मंदिर तक जा सकते हैं। यहां से मसूरी के साथ-साथ दून-घाटी का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।

मसूरी झील


मसूरी-देहरादून रोड पर यह नया विकसित किया गया पिकनिक स्पॉट है, जो मसूरी से लगभग 6 कि॰मी॰ दूर है। यह एक आकर्षक स्थान है। यहां पैडल-बोट उपलब्ध रहती हैं। यहां से दून-घाटी और आसपास के गांवों का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।

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