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पहाड़ की नारी बनी आत्मनिर्भर ..

पहाड़ों में सर्दियां दस्तक दे चुकी हैं और सर्दियों में उत्तराखंड के गांवों की सभी छतों पर सुनहरी बड़ी-मुगौड़ी देखने को मिल रही हैं। गांव की महिलाएं प्रचुर मात्रा में बड़ी और मुगौड़ी बनाती हैं और सर्दियों में यह खूब खाने को मिलती है। मगर क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड की यह बड़ी-मुगौड़ी जो कि अपने अंदर कई पौष्टिक गुण समेटे हुए है, अब देश-विदेश में भी धूम मचा रही हैं। जी हां, उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा बनाई जाने वाली इन पौष्टिक बड़ियों को विदेशों में भी लोग बेहद पसंद कर रहे हैं और वहां पर भी इनको मंगाया जा रहा है। कैमिकल-फ्री इन आर्गेनिक उत्पादों में विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन कार्बोहाइड्रेट फ़ास्फ़ोरस की भरपूर मात्रा होती है। कोरोना काल में लोग अपनी सेहत के प्रति बेहद जागरूक हो रहे हैं और अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए तरह-तरह के उत्पादों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में और खानपान में शामिल कर रहे हैं। उत्तराखंड के गांवों में बनने वाली मूंग बड़ियां भी स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक हैं और इम्युनिटी बढ़ाने में बहुत सहायक है। इसलिए अब इन बड़ियों को देश और विदेश में भी लोग बेहद पसंद कर रहे हैं।

पहाड़ के इस बेहद प्रचलित उत्पाद को विदेशों तक पहुंचा रही हैं नैनीताल जिले की लीला साह जो कि लोकल फॉर वोकल का नारा बुलंद कर रही हैं। वे मूंग और उड़त की पौष्टिक बड़ियां बना कर और उनको बेच कर अपने लिए रोजगार पैदा कर रही हैं। नैनीताल की लीला साह पिछले कई सालों से बड़ियों को खुद बनाकर बेच रही हैं। कोरोना काल में इन बड़ियों की मांग और भी अधिक बढ़ गई है और यह अब विदेशों में भी आर्डर पर भेजी जा रही हैं। यह बड़ियां और मंगौड़े भूजा, ककड़ी, लौकी, पापड़ के साथ उड़द और मूंग दाल से तैयार होती है जो कि बेहद पौष्टिक है और इम्यूनिटी बढ़ाने में बेहद कारगर होती हैं। इस स्वादिष्ट और हेल्दी पहाड़ी उत्पाद की डिमांड देश के साथ विदेशों से भी आ रही हैं और लीला साह द्वारा बनाई गई बड़ियों को अब विदेशों में भी लोगों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है।

लीला साह द्वारा बनाई गई इन पौष्टिक उड़द और मूंग दाल की जबरदस्त रुचि देश-विदेश से आ रही है। उसने कहा है कि वह काफी लंबे समय से इसे बना और बेच रही है, हालांकि कोरोना के थंपिंग के साथ, इसके सौदों में काफी विस्तार हुआ है। यह इस आधार पर है कि इन बदी-मगुड़ी के अंदर प्रतिरोध की प्रकृति और हमारी भलाई के साथ बहुत कुछ है। नैनीताल जिला अस्पताल के विशेषज्ञ एमएस गुप्ता का कहना है कि ये खान-पान विभिन्न बीमारियों और वायरल के साथ-साथ पेट से संबंधित बीमारियों को दूर कर सकता है। यह प्राकृतिक है और इसमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और शक्कर मौजूद हैं। सामान्य तौर पर, ये मूंग और उडाट बडी भलाई के लिए मूल्यवान हैं, इसलिए इस ढलान की वस्तु के लिए ब्याज बाहर के देशों में भी लगातार बढ़ रहा है।

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