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उत्तराखंड में ठहरने की सबसे स’स्ती और खूब’सूरत जगहें। जो आपके दिल को छू जाएगी

प्राकृतिक सुंदरता एवं संसाधनों से भरपूर जनपद नैनीताल हिमालय पर्वत श्रंखला में एक चमक’दार गहने की तरह है । कई सारी खूबसूरत झीलों से सुस’ज्जित यह जिला भारत में ‘झीलों के जिले’ के रूप में मशहूर है चारों ओर से पहाडियों से घिरी हुई ‘नैनी झील’ इन झीलों में सबसे प्रमुख झील है। नैनीताल अपने खूबसूरत परिदृश्यों और शांत परिवेश के कारण पर्यटकों के स्वर्ग के रूप में जाना जाता है।

नैनीताल


किराया: दिल्ली से काठगोदाम का रेल किराया प्रति व्यक्ति लगभग 300 रुपए (दोनों तरफ का) आएगा। नैनीताल यहां से सिर्फ 35 किलोमीटर की दूरी पर है। बस से यहां तक का किराया प्रति व्यक्ति आना-जाना लगभग लगभग 50 रुपए। दिल्ली से रानीखेत तक का किराया पति-पत्नी और 8 साल तक के दो बच्चों के साथ लगभग 800 रुपए आएगा।
होटल व खाना-पीना: यहां भी कुमाऊं मंडल के एक से बढ़ कर एक होटल हैं। होटल का किराया प्रति रात 1100 से 2450 रुपए के बीच है। किराए के मद में प्रति रात औसत 1500 रुपए खर्च करने पड़ेंगे। खाने-पीने के लिए पूरे परिवार के लिए एक हजार रुपए मान कर चलें।
कुल खर्च: कुल खर्च लगभग 3300 रुपए (परिवहन 800, होटल 1500 व खाना 1000 रुपए)।

धनोल्टी


देवदार, रोडोडेंड्रोन और ओंक के वनों से आच्छादित यह नगर चंबा मसूरी मार्ग पर स्थित है | धनोल्टी में लम्बे जंगली ढलान शांत माहौल सुन्दर मौसम, सर्दियों में बर्फ से ढकी पहड़िया. इसे छुट्टियाँ बिताने के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल बनती हैं| चंबा मसूरी मार्ग पर यह नगर चंबा से 29 कि0मी0 एवं मसूरी से 24 कि०मी० की दूरी पर स्थित है | रहने के लिए यहाँ पर्यटक विश्राम गृह, वन विभाग के विश्राम गृह, अतिथि गृह एवं होटल उपलब्ध हैं|
किराया: दिल्ली-देहरादून रेल किराया प्रति व्यक्ति लगभग 350 रुपए (दोनों तरफ का) और बस किराया भी प्रति व्यक्ति आना-जाना लगभग 150 रुपए मान लें।
होटल व खाना-पीना: गढ़वाल मंडल विकास निगम के होटल का किराया 1500 व 1900 रुपए प्रति रात है। खाने-पीने के लिए पूरे परिवार के लिए 500 से एक हजार रुपए मान कर चलें।

मसूरी


मसूरी उत्तराखंड की प्रकृति की गोद में बसा हुआ एक छोटा सा शहर है जिसे ‘पहाड़ों की रानी’ भी कहा जाता है। मसूरी सौंदर्य, शिक्षा, पर्यटन व व्यावसायिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है। पहाड़ों के बीच बसा मसूरी देहरादून का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। हिमालय और दून घाटी के बीच बसा मसूरी का नज़ारा बर्फ़ से ढके होने के कारण बहुत ही मनमोहक लगता है। मसूरी गंगोत्री का प्रवेश द्वार भी है। देहरादून में पायी जाने वाली वनस्पति और जीव-जंतु इसके आकर्षण को और भी बढ़ा देते हैं। दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए यह लोकप्रिय ग्रीष्मकालीन पर्यटन स्थल है।

कैसे पहुंचे

दिल्ली से देहरादून के लिए मसूरी एक्सप्रेस के साथ-साथ देहरादून जनशताब्दी और देहरादून एक्सप्रेस भी हर रोज चलती है। दिल्ली से देहरादून तक की 329 किलोमीटर की यात्रा का किराया स्लीपर क्लास में लगभग 160 रुपए है। जनशताब्दी से 2 सिटिंग में 117 रुपए में यात्रा की जा सकती है, जबकि देहरादून एक्सप्रेस से 158 रुपए में स्लीपर क्लास की यात्रा कर यहां पहुंच सकते हैं। नियमित बसों से मात्र 250 रुपये में पहुँच सकते है।

होटल व खाना-पीना: यहां अमूमन होटल का किराया 1000 से 2000 प्रति रात है। खाना-पीना रूम के किराए में शामिल नहीं होगा। खाने-पीने के लिए के लिए आप 500 रुपए मान लें।

चम्बा

देवदार और चीड़ के पेड़ों से घिरा हुआ, चंबा का अन्नवेषित इलाका प्रकृति प्रेमियों के लिए एक सपनों की दुनिया के सामान है। यह हिल स्टेशन अपने सेब और खुबानी के बाग और साथ ही साथ बुरांश के फूलों के लिए माना जाता है।
चम्बा
किराया: दिल्ली-देहरादून रेल किराया प्रति व्यक्ति लगभग 350 रुपए (दोनों तरफ का) और देहरादून से चम्बा की 103 किलोमीटर की बस यात्रा लगभग 1.45 मिनट की है। किराया प्रति व्यक्ति आना-जाना लगभग 200 रुपए। दिल्ली से धनौल्टी तक का किराया पति-पत्नी और 8 साल तक के दो बच्चों के साथ लगभग 1100 रुपए आएगा, जो अधिक नहीं।

होटल व खाना-पीना: गढ़वाल मंडल विकास निगम के होटल का किराया 800 व 1000 रुपए प्रति रात है। इस कमरे में आप दोनों के साथ 8 साल तक के दो बच्चों को ठहरने की इजाजत है यानी आपकी छोटी फैमिली पर रूम का किराया प्रति रात 1000 रुपए आएगा। खाने-पीने के लिए पूरे परिवार के लिए 500 से एक हजार रुपए मान कर चलें।

रानीखेत की सैर

रानीखेत उत्तरा खंड का एक छोटा सा हिल स्टेशन है। जोकि समुद्र तल से 1824 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।। यहां का शांत वातावरण, फूलों से ढके रास्ते, देवदार औऱ पाईन के लम्बे लम्बे पेड़ बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। यहां पर बर्फ से ढकी मध्य हिमालयी पहाड़ियां भी दिखाई देती हैं।

किराया: दिल्ली से काठगोदाम का रेल किराया प्रति व्यक्ति लगभग 300 रुपए (दोनों तरफ का)। यहां से रानीखेत की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है। बस से यहां तक का किराया प्रति व्यक्ति आना-जाना लगभग 100 रुपए। दिल्ली से रानीखेत तक का किराया पति-पत्नी और 8 साल तक के दो बच्चों के साथ लगभग 1000 रुपए आएगा।

होटल व खाना-पीना: कुमाऊं मंडल के होटल का किराया 1000 व 2000 रुपए प्रति रात है। इस कमरे में पति-पत्नी के साथ 8 साल तक के दो बच्चे ठहर सकते हैं। आपकी फैमिली पर रूम का किराया प्रति रात औसत 1500 रुपए आएगा। खाने-पीने के लिए पूरे परिवार के लिए 500 से एक हजार रुपए मान कर चलें।

ऋषिकेश


ऋषिकेश गढ़वाल हिमालय पर्वत की तलहटी में समुन्द्रतल से 409 मीटर की ऊँचाई पर स्थित और शिवालिक रेंज से घिरा हुआ है | हिमालय की पहाड़िया और प्राकर्तिक सौन्दर्यता से ही इस धार्मिक स्थान से बहती गंगा नदी ऋषिकेश को अतुल्य बनाती है | ऋषिकेश का शांत वातावरण कई विख्यात आश्रमों का घर है | हर साल ऋषिकेश के आश्रमों में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री ध्यान लगाने और मन की शांति के लिए आते है।
ऋषिकेश राफ्टिंग की वजह से भी काफी प्रसिद्ध है यहाँ आप अपने दोस्तों के साथ महज 5 हजार के अंदर घूमने के साथ राफटिंग का भी मजा ले सकते हैं।

लैंसडॉन

लैंसडाउन, उत्तराखण्ड के पौडी जिले में स्थित एक सुन्दर हिल स्टेशन है, जहाँ गढवाल रेजीमेंट नामक भारतीय सेना का सैन्य-दल स्थित है। यह समुन्दरी तट से 1706 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। स्थानीय भाषा में इसे “कालुदंड” कहते हैं, जिसका अर्थ है “काली पहाडी”। 1887 में, भारत के वाइसरॉय रहे लोर्ड लैंसडाउन ने इस हिल स्टेशन की खोज की।
लैंसडॉन
किराया: दिल्ली से 248 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लैंसडॉन कोटद्वार से सिर्फ 40 किलोमीटर दूर है। यहां का बस किराया दोनों तरफ का लगभग 50 रुपए आएगा। रेल किराया 300 रुपए जोड़ कर अधिक से अधिक 400 रुपए प्रति व्यक्ति किराया मान सकते हैं। यानी पति-पत्नी और 8 साल तक के दो बच्चे समेत किराया लगभग 800 रुपए आएगा।

होटल व खाना-पीना: यहां गढ़वाल मंडल की ओर से आपके लिए न्यूनतम 850 रुपए का कमरा उपलब्ध कराया जा सकता है, जिसमें आपका प्यारा सा परिवार विश्रम कर सके। खाने-पीने के लिए तो कम से कम 1000 रुपए रखें ही। यानी होटल और खाने-पीने के फंड में लगभग 1500 रुपए का खर्च तो आ ही जाएगा।

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